होम लोन ट्रांसफर कराने से पहले इन बातों पर जरूर करें गौर, कहीं पछताना न पड़ जाए

By rcxloan

Published on:

keep-these-things-in-mind-before-applying-for-home-loan-transfer

होम लोन ट्रांसफर यानी बैलेंस ट्रांसफर का निर्णय आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

यदि आप कम ब्याज दर, EMI में राहत या बेहतर शर्तों के लिए होम लोन ट्रांसफर करने की सोच रहे हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम आपको बताएंगे कि होम लोन ट्रांसफर करने से पहले किन-किन बातों पर गौर करना चाहिए, ताकि आप भविष्य में पछताएं नहीं।

1. कम ब्याज दर के लिए मौजूदा बैंक से बात करें

होम लोन ट्रांसफर से पहले, सबसे पहले अपने मौजूदा बैंक से कम ब्याज दर पर बातचीत करें।

  • यदि आपने अब तक बैंक के साथ अच्छे संबंध बनाए हैं और नियमित रूप से EMI का भुगतान किया है, तो बैंक आपको रियायत देने के लिए तैयार हो सकता है।
  • रेपो रेट-लिंक्ड लोन: अधिकांश होम लोन अब रेपो रेट-लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) पर आधारित होते हैं।
  • आरबीआई की रेपो दर घटने पर आपका होम लोन ब्याज भी घट सकता है, जिससे EMI का बोझ कम हो सकता है।

टिप: होम लोन ट्रांसफर का निर्णय लेने से पहले मौजूदा बैंक के साथ कम ब्याज दर के लिए जरूर बातचीत करें।

2. सिबिल स्कोर की जांच करें

होम लोन ट्रांसफर से पहले सिबिल स्कोर (CIBIL Score) की समीक्षा करना बहुत जरूरी है।

  • 750+ सिबिल स्कोर होने पर ट्रांसफर की मंजूरी जल्दी मिलती है और कम ब्याज दर का लाभ भी मिलता है।
  • यदि आपका सिबिल स्कोर कम है, तो ट्रांसफर के लिए पात्रता में समस्या हो सकती है।
  • सिबिल स्कोर कम होने पर:
    • पहले क्रेडिट कार्ड भुगतान और छोटे लोन चुकाकर स्कोर सुधारें।
    • लोन ट्रांसफर के लिए आवेदन करें।

टिप: लोन ट्रांसफर से पहले सिबिल स्कोर जरूर चेक करें, ताकि आपका आवेदन आसानी से स्वीकृत हो सके।

3. ट्रांसफर में शामिल शुल्कों को जान लें

होम लोन ट्रांसफर के दौरान कई अतिरिक्त शुल्क देने पड़ते हैं, जिनके बारे में जानकारी रखना जरूरी है।

  • प्रोसेसिंग फीस: नए बैंक को लोन ट्रांसफर करने के लिए प्रोसेसिंग चार्ज देना होता है, जो आमतौर पर लोन राशि का 0.25% से 1% तक हो सकता है।
  • प्री-क्लोजर चार्ज: यदि आपका मौजूदा लोन फिक्स्ड रेट पर है, तो बैंक प्री-क्लोजर शुल्क ले सकता है।
  • डॉक्यूमेंटेशन फीस: नए बैंक में दस्तावेज प्रोसेसिंग और वेरिफिकेशन चार्ज लिया जाता है।
  • इंस्पेक्शन फीस: कई बैंक संपत्ति का निरीक्षण करने के लिए अतिरिक्त शुल्क लेते हैं।

टिप: ट्रांसफर के बाद कुल खर्च की गणना करें और देखें कि क्या यह आपके बचत से कम है या नहीं।

4. नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें

होम लोन ट्रांसफर के दौरान लोग अक्सर नियम और शर्तों को पढ़े बिना साइन कर देते हैं, जिससे बाद में परेशानी हो सकती है।

  • छिपे हुए शुल्क: कुछ बैंक होम लोन ट्रांसफर में छिपे हुए चार्ज जैसे एडमिन फीस, लॉकर चार्ज आदि वसूलते हैं।
  • फ्लोटिंग vs फिक्स्ड रेट: ट्रांसफर के बाद ब्याज दर फिक्स्ड है या फ्लोटिंग, इसे जरूर जांचें।
  • प्री-क्लोजर पेनल्टी: कई बैंक होम लोन को समय से पहले चुकाने पर पेनल्टी लगाते हैं।

टिप: ट्रांसफर से पहले सभी नियम और शर्तों को पढ़ना न भूलें, ताकि कोई छिपा हुआ चार्ज आपको परेशान न करे।

5. EMI का पुनर्गठन और बचत की गणना करें

होम लोन ट्रांसफर का मुख्य उद्देश्य EMI बचाना होता है, लेकिन हर बार यह जरूरी नहीं कि ट्रांसफर फायदेमंद हो।

  • नए बैंक की ब्याज दर और प्रोसेसिंग शुल्क को मिलाकर EMI का फिर से कैलकुलेशन करें
  • EMI बचत और ट्रांसफर में होने वाले खर्च का तुलनात्मक अध्ययन करें।
  • EMI कम हो रही है या नहीं, इसे चेक करने के लिए EMI कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें।

उदाहरण:

  • ₹40 लाख का होम लोन 8.50% ब्याज दर से ट्रांसफर करने पर ब्याज दर घटकर 8.10% हो जाती है।
  • EMI में ₹1,200-₹1,500 की बचत हो सकती है।
  • लेकिन प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज मिलाकर बचत कम हो सकती है।

होम लोन ट्रांसफर के फायदे और नुकसान

फायदे:

  • कम ब्याज दर पर EMI में राहत मिलती है।
  • ट्रांसफर के बाद ब्याज दर स्थिर हो सकती है।
  • पहले से बेहतर शर्तों पर लोन मिल सकता है।

नुकसान:

  • प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज से अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है।
  • नए बैंक की शर्तें अलग हो सकती हैं, जिससे परेशानी हो सकती है।
  • ट्रांसफर में समय और दस्तावेजी प्रक्रिया अधिक हो सकती है।

कैसे अप्लाई करें?

ऑनलाइन प्रक्रिया:

  • नए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  • ‘होम लोन ट्रांसफर’ सेक्शन में जाकर फॉर्म भरें।
  • दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन सबमिट करें।
  • बैंक अधिकारी संपर्क करेंगे और वेरिफिकेशन के बाद ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होगी।

ऑफलाइन प्रक्रिया:

  • बैंक की नजदीकी शाखा में जाएं।
  • आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज जमा करें।
  • बैंक अधिकारी दस्तावेज वेरिफिकेशन करेंगे और प्रक्रिया पूरी करेंगे।

होम लोन ट्रांसफर करने का निर्णय लेने से पहले ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, EMI में बचत और शर्तों का पूरा आकलन करें।

  • सिबिल स्कोर चेक करें और मौजूदा बैंक से कम ब्याज दर पर बातचीत जरूर करें।
  • ट्रांसफर से पहले सभी शुल्कों का तुलनात्मक विश्लेषण करें।
  • नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।

अगर यह जानकारी उपयोगी लगी, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ जरूर शेयर करें।

Leave a Comment