आज के समय में लोन लेना बहुत ही आम बात हो गई है। घर, कार, शिक्षा या किसी अन्य जरूरत के लिए लोग बैंक या वित्तीय संस्थानों से लोन लेते हैं। लेकिन लोन लेने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि भविष्य में पछताना न पड़े। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि लोन लेने से पहले किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
लोन की आवश्यकता को समझें
लोन लेने से पहले यह तय करें कि आपको वास्तव में इसकी जरूरत है या नहीं।
कई बार लोग गैर-जरूरी चीजों के लिए लोन ले लेते हैं, जिससे बाद में वित्तीय संकट का सामना करना पड़ता है।
कब लें लोन?
- घर खरीदने, मरम्मत या निर्माण के लिए।
- शिक्षा या उच्च शिक्षा के लिए।
- चिकित्सा आपात स्थिति के लिए।
- व्यवसाय शुरू करने या विस्तार के लिए।
- वाहन खरीदने के लिए।
कब लोन लेने से बचें?
- छुट्टी पर जाने के लिए।
- लग्जरी सामान खरीदने के लिए।
- गैर-जरूरी शौक पूरे करने के लिए।
लोन की राशि और अवधि का चुनाव सही तरीके से करें
लोन की राशि और अवधि का चुनाव आपकी चुकाने की क्षमता पर निर्भर करता है।
गलत अवधि या अधिक राशि का लोन लेने पर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है।
समझें कैसे करें सही चुनाव:
- कम राशि लें: लोन की राशि उतनी ही लें, जितनी आपकी जरूरत हो।
- लोन अवधि का ध्यान रखें:
- छोटी अवधि के लोन में EMI ज्यादा होगी, लेकिन ब्याज कम देना होगा।
- लंबी अवधि के लोन में EMI कम होगी, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा।
उदाहरण:
- ₹5 लाख का लोन 5 साल के लिए लिया गया हो, तो EMI ₹10,379 होगी और कुल भुगतान ₹6.22 लाख होगा।
- वही लोन 7 साल के लिए लेने पर EMI कम (₹8,045) होगी, लेकिन कुल भुगतान ₹6.76 लाख होगा।
ब्याज दर की तुलना करें
लोन लेने से पहले अलग-अलग बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ब्याज दरों की तुलना जरूर करें।
कम ब्याज दर वाले लोन का चुनाव करने से आपको EMI का बोझ कम होगा और कुल भुगतान भी कम रहेगा।
कैसे करें ब्याज दर की तुलना:
- बैंक की वेबसाइट पर जाकर ब्याज दर चेक करें।
- ऑनलाइन EMI कैलकुलेटर का उपयोग करें।
- NBFC और फिनटेक कंपनियों के ऑफर की तुलना करें।
वर्तमान में प्रमुख बैंकों की ब्याज दरें (2025):
बैंक का नाम | ब्याज दर (प्रतिशत) | लोन अवधि |
---|---|---|
SBI | 9.60% – 15% | 1 – 7 साल |
HDFC बैंक | 10.5% – 21% | 1 – 5 साल |
ICICI बैंक | 10.75% – 19% | 1 – 5 साल |
Axis बैंक | 11% – 22% | 1 – 5 साल |
PNB | 9.99% – 18% | 1 – 5 साल |
4. EMI आपकी आय के अनुसार तय करें
लोन की EMI आपकी मासिक आय के अनुरूप होनी चाहिए।
अगर EMI आपकी आय का 40% से ज्यादा है, तो आपको वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कैसे तय करें EMI:
- अपनी मासिक आय का 30-40% ही EMI के रूप में तय करें।
- EMI तय करते समय अन्य खर्चों (घर का खर्च, बच्चों की पढ़ाई, बीमा, निवेश) का ध्यान रखें।
- EMI कैलकुलेटर का उपयोग करके सही EMI का अनुमान लगाएं।
उदाहरण:
- अगर आपकी मासिक आय ₹60,000 है, तो EMI ₹18,000 – ₹24,000 तक होनी चाहिए।
5. क्रेडिट स्कोर जरूर चेक करें
लोन अप्रूवल और ब्याज दर पर आपका क्रेडिट स्कोर अहम भूमिका निभाता है।
अच्छा क्रेडिट स्कोर होने पर कम ब्याज दर पर लोन मिल सकता है।
क्रेडिट स्कोर का महत्व:
- 750+ स्कोर पर लोन जल्दी अप्रूव होता है।
- उच्च स्कोर पर कम ब्याज दर मिलती है।
- खराब स्कोर होने पर लोन रिजेक्ट हो सकता है।
स्कोर सुधारने के उपाय:
- समय पर क्रेडिट कार्ड और EMI का भुगतान करें।
- बार-बार लोन के लिए अप्लाई न करें।
- क्रेडिट लिमिट का 30% से ज्यादा उपयोग न करें।
6. लोन के शुल्क और शर्तें समझें
लोन लेते समय बैंक कई तरह के शुल्क वसूलते हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।
मुख्य शुल्क:
- प्रोसेसिंग फीस: लोन राशि का 0.5% – 3% तक।
- प्री-पेमेंट पेनल्टी: लोन का जल्दी भुगतान करने पर जुर्माना।
- डॉक्युमेंटेशन फीस: कागजी प्रक्रिया के लिए शुल्क।
- लेट पेमेंट चार्ज: EMI देर से भरने पर जुर्माना।
ध्यान दें:
लोन लेने से पहले सभी शर्तों और शुल्कों को अच्छे से पढ़ लें।
7. फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर का चुनाव करें
लोन लेते समय फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर का चुनाव करना होता है।
सही चुनाव करने से आप ब्याज दर के उतार-चढ़ाव का फायदा उठा सकते हैं।
फिक्स्ड ब्याज दर:
- ब्याज दर स्थिर रहती है।
- EMI में कोई बदलाव नहीं होता।
- बाजार में ब्याज दर बढ़ने पर लाभ मिलता है।
फ्लोटिंग ब्याज दर:
- ब्याज दर बाजार के अनुसार बदलती रहती है।
- EMI कम या ज्यादा हो सकती है।
- ब्याज दर घटने पर आपको फायदा होता है।
8. लोन अवधि का सही चुनाव करें
लोन की अवधि का चयन आपकी वित्तीय स्थिति और EMI चुकाने की क्षमता पर निर्भर करता है।
छोटी अवधि में ब्याज कम लगता है, लेकिन EMI ज्यादा होती है।
लंबी अवधि में EMI कम होती है, लेकिन कुल ब्याज अधिक चुकाना पड़ता है।
उदाहरण:
- ₹10 लाख का होम लोन 10 साल के लिए लिया तो EMI ज्यादा होगी, लेकिन कुल ब्याज कम चुकाना होगा।
- वही लोन 20 साल के लिए लिया तो EMI कम होगी, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा देना पड़ेगा।
लोन लेने से पहले निम्न बातों का ध्यान रखें:
- लोन की आवश्यकता को स्पष्ट करें।
- ब्याज दरों की तुलना करें।
- EMI अपनी आय के अनुसार तय करें।
- क्रेडिट स्कोर चेक करें और सुधारें।
- शुल्क और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
- फिक्स्ड या फ्लोटिंग ब्याज दर का सही चुनाव करें।
- लोन अवधि का ध्यान रखें।
लोन लेते समय अपनी वित्तीय स्थिति का सही आकलन करें और ब्याज दर, EMI और शुल्क को अच्छे से समझ लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।